राजस्थान भारत का एक ऐसा राज्य है जो अपनी लोक-संस्कृति और भौगोलिक विविधताओं एवं  विशेषताओं के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।

यह राज्य हमेशा से पर्यटकों के केंद्र में रहा है। यहां की सांस्कृतिक विविधता हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है। राजस्थान में कई प्रकार के पर्व-त्योहार और उत्सव मनाये जाते हैं। जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं।

राजस्थान में हर साल होने वाला राजस्थान इंटरनेशनल फोक फेस्टिवल अत्यंत ही प्रसिद्ध है। इस बार भी इसका आयोजन राजस्थान में किया जा रहा है। इस बार राजस्थान इंटरनेशनल फोक फेस्टिवल का आयोजन 29 अक्टूबर से लेकर 2 नवंबर तक किया जा रहा है। इसका आयोजन ‘मेहरानगढ़ फोर्ट’ और ‘जसवंत थड़ा’ में किया जाएगा।

राजस्थान इंटरनेशनल फोक फेस्टिवल का आयोजन हर साल राजस्थान में किया जाता है। इस अवसर पर संगीत-संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिसमें शामिल होने के लिए कोई देशों से भी नामी-गिरामी कलाकार आते हैं। इस आयोजन में खड़ताल, बांसुरी, गिटार, संतूर, घटमा और रुबात जैसे वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन किया जाता है। लाखों की संख्या में इसे देखने के लिए लोग दूर-दराज से आते हैं। इस आयोजन में स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ देश-विदेश के कलाकारों को भी अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए आमंत्रित किया जाता है। राजस्थान का यह एक बहुत ही बड़ा सांस्कृतिक आयोजन माना जाता है।

राजस्थान इंटरनेशनल फोक फेस्टिवल को ‘जोधपुर रिफ’ के नाम से भी जाना जाता है। राजस्थान में ज्यादातर इस उत्सव को इसी नाम से जाना जाता है। यह फेस्टिवल पूरे 5 दिनों तक मनाया जाता है। जयपुर विराट फाउंडेशन और मोहनगढ म्यूजियम ट्रस्ट के द्वारा इसका आयोजन किया जाता है। इस आयोजन में मारवाड़ इलाके के दो समुदायों- लंगा और माँगिन्यार के बीच वाद्य यंत्रों के बीच मनोरम जुगलबंदी प्रस्तुत की जाती है। यह जुगलबंदी इस आयोजन का आकर्षण का केंद्र होता है। इसे देखने के लिए काफी भीड़ यहां इकट्ठा होती है।

गौरतलब है कि इस बार कोरोना महामारी के कारण पूरे देशभर में हर प्रकार की सांस्कृतिक गतिविधियों को सीमित तरीके से मनाया जा रहा है। इस बार कोरोना महामारी का असर राजस्थान इंटरनेशनल फोक फेस्टिवल पर भी देखने को मिल रहा है। कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के कारण इस बार इसका आयोजन वर्चुअली किया जा रहा है। वर्चुअली ही इस आयोजन में देश-विदेश के नामी-गिरामी कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इस बार संगीत-प्रेमियों को घर पर बैठ कर ही टीवी पर इसका आनंद लेना होगा।

यह सही है कि इस बार लोगों को पिछले साल कि तरह आनंद नहीं आ पायेगा। इस बार यह फेस्टिवल अलग रूप में ही मनाया जा रहा है। राजस्थान के लोगों के लिए इस बार यह नया ही अनुभव होगा। जबसे राजस्थान इंटरनेशनल फोक फेस्टिवल मनाया जा रहा है तब से पहली बार ऐसा मौका है; जब इसका आयोजन फिजिकल रूप में ना करके वर्चुअल तरीके से किया जा रहा है।

राजस्थान इंटरनेशनल फोक फेस्टिवल का आयोजन यूनेस्को की सहायता से किया जाता है। पिछले साल इसका आयोजन 10 अक्टूबर से लेकर 14 अक्टूबर के बीच किया गया था। पिछली बार इस फेस्टिवल को देखने के लिए लाखों की संख्या में संगीत-प्रेमी आये थे। गीत और संगीत के इस महामेले में पूरा राजस्थान सराबोर हो जाता है। यह आयोजन राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण बनाये हुए है। यही कारण है कि यहाँ की सरकार भी इस आयोजन को सफल बनाने के लिए तत्पर रहती है और कलाकारों और आगंतुकों के लिए पुख्ता इन्तेज़ामात करती है।

राजस्थान के लोग इस फेस्टिवल का बेसब्री से इंतज़ार करते हैं। इस आयोजन में यहाँ के लोगों को 5 दिनों में ही संगीत की  विविध लहरियां सुनने को मिल जाती है। यहाँ  इस फेस्टिवल को किसी बड़े पर्व की तरह मनाया जाता है।

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